राखी का राम मन का मोहन स्वयवर से भागा: दुल्हे ने कहा ना बाबा ना

14 comments




राम कि तलास मे सीता बनी राखी

वहा भाई वहा! कुछ दिनो से चर्चा मे रहा कलयुगी "स्वयवर" के एक दुल्हे ने राखी सावन्त को ना बोलकर रिजेक्ट कर दिया। प्रोग्राम के फोरमेट के अनुसार केवल राखी को ही वो अधिकार थे की किसी भी बनावटी "देवदास दुल्हे" को रद्दी की टोकरी मे फैक सकती है। किन्तु यहॉ उसके ठीक उल्टा  
"छोरा गगा किनारे वाला" पावन धाम "ऋषिकेश" के मनमोहऩ तिवारी ने तो आव देखा ना ताव दो दिन पुर्व ऋषिकेश कि हॉटल मे जहॉ राखी सावन्त ठहरी हुई थी रात मे जाकर राखी को "रिजेक्टवा" कर दिया, यानी शादी ना करने की बात कर राखी को  "जोर का झटका धिरे" से दे दिया। राखी हतप्रत थी कलयुगी राम बनेने चले मनमोहन के वकीलिया बुद्धि को लेकर। मनमोहन ने राखी को जहॉ ना बोला वहा स्वयवर आयोजित करने वालो की भुल हो गई की होटल मे कैमरे नही थे। बस वही मनमोहन ने वकीलिया बुद्धि यूज कर डाली और ऑफ द रिकार्ड राखी से बात कर आया। राखी ने बाद मे ऑन रिकार्ड टीवी मे मनमोहन को भलाबुरा कहा। राखी ने कहा-" मनमोहन मेरे ड्रायवर और सैक्रेटी से गया गुजरा है, राखी ने आगे कहा-" मुम्बई की सडको पर हजारो मनमोहन घुमते है।" कहने का अर्थ "खिचीयानी बिल्ली खम्बा नोचे।"
 इससे यह बात तो साफ हो जाती है शादी जैसे पवित्र बन्धन का कलयुग मे बाजारीकरण नही किया जा सकता। आजके युग मे जिस राम कि तलास मे सीता बनी राखी जिस रास्ते निकली पडी थी, उसी स्वयवर के सभी  उम्मेदवार प्रसिद्धि, नाम, गैलमर के चक्कर मे भारतीय सस्कृति का बन्टाधार करने को तुले थे। इसका अन्त क्या होगा यह तो पत्ता नही, पर क्या राखी ने चैनल से मिलनेवाले कुछ धन-बल के चक्कर मे,  
स्त्री धन {मर्यादओ- सस्कारो-और भारतीय सस्कारो-परिवारिक सामाजिक मर्यादाओ} को अरक्षित/ असुरक्षित नही किया ?

क्या प्यार ब्याह इतना बाजारु हो गया की खुल्ल्म खुल्ला सडको पर किया जाऍ ?  
राखी पुछती है -" मै आईटम गर्ल हू यह बात शादी मे रोडा तो नही बनगी ?"
अरे राखी जी !  आप "आईटम गर्ल" है तो यह लडके कोन से दुध के धुले हुऍ है सभी तो आईटम-बॉय है।
हम तो भगवान से दुआ ही करेगे की राखी इस स्वयवर मे एक पति को जीते व जीवन भर यह रिस्ता मजबूत रहे।

 सभी के लिए जितनी जिम्मेदार राखी है,  उतने ही उसके उम्मीदवार डायरेक्टर, निर्माता, स्टोरी लेखक, चैनल भी है। अब शो देखने वालो के लिए क्या कहू ? क्यो कि मै भी तो  देख रहा हू।
"पैसा फैक तमाशा देख," भाई! पब्लिक है यह सब जानती है।

14 comments

Udan Tashtari 22 जुलाई 2009 को 5:32 am

नौटंकी मचा कर रख दी है इन लोगों ने स्वयंवर के नाम पर शादी जैसे पवित्र बंधन की.

रंजन 22 जुलाई 2009 को 6:25 am

बच गया...

'अदा' 22 जुलाई 2009 को 8:07 am

समय की बर्बादी और बिला-वजह इस मुद्दे तो तूल देना लगता है. लेकिन आपके ब्लाग में इसे देखा तो कुछ कहे बगैर नहीं रह पायी, यह मात्र सस्ती लोकप्रियता और भौडेपन को भुनाने का फार्मूला है और कुछ नहीं, कौन संस्कारी लड़की अपनी शादी का इतना तमाशा बनाएगी ? और उस शादी का अंजाम क्या होने वाला है इसका तो सिर्फ भगवान् ही मालिक है, इस कार्यक्रम के अंत में जिससे भी राखी जी शादी करेंगी (शायद यही होने वाला है, मुझे मालूम नहीं है) उस व्यक्ति विशेष का मनोबल अपने गृहस्थ जीवन में किस स्तर का होगा इसका अनुमान बहुत आसानी से लगाया जा सकता है, वैसे भी राखी को पति चाहिए या सिर्फ पति का सिम्बल चाहिए ये वही जाने, एक बात है शादी राखी जी की जिससे भी होगी 'पति राखी ही रहेगी' इतना तय है, अब ये प्रतिभागी पति बनने गए है या कुछ और ये वो ही जाने..
जहाँ तक भारतीय संस्कृति का प्रश्न है, स्वयंवर पहले भी हुए है लेकिन 'बेहूदा स्वयंवर' शायद भारत के इतिहास में पहली बार हो रहा है...और तारीफ की बात के लोग अपनी संस्कृति को निर्वस्त्र होते हुए चाव से देख रहे हैं...
लानत है... यही कह सकते हैं...और
क्या कहें...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक 22 जुलाई 2009 को 8:43 am

"राखी का राम मन का मोहन स्वयवर से भागा: दुल्हे ने कहा ना बाबा ना"

चर्चा अच्छी रही।

रचना 22 जुलाई 2009 को 10:22 am

raakhi agar raam khoj rahee haen to sita ki tarah banvaas kae liyae bhi tayaar hogii

बिपिन बादल 22 जुलाई 2009 को 3:35 pm

nautanki sirf rakhee ka swmber hi nahi, ise masala banakar kalamghisu lekhanee (blog) bhee hai. swambar ka sahara bhee blog kee TRP badhane ke lie? vah bhai vah!

रंजना 22 जुलाई 2009 को 3:59 pm

अदा जी ने अपनी टिपण्णी में जो कहा,शत प्रतिशत मैं वही कहना चाह रही थी......उन्होंने कह ही दिया सो अब अलग से क्या कहूँ......

अल्पना वर्मा 22 जुलाई 2009 को 4:48 pm

बहुत अच्छा कवरेज़ कर दिया आप ने इस खबर का..
मनमोहन को फिल्मों में ब्रेक मिलने वाला है ,उस को नोटिस किया जा चुका है..उस बन्दे का काम तो हो गया..बहुत सयाना निकला ऐसे ही थोड़े सफलता की सीढियाँ चढ़ पायेगा हिंदी सिनेमा की ..
वैसे भी राखी का यह स्वयम्वर कार्यक्रम नाटक ही लग रहा है..मेरे ख्याल से आखिर में वह सभी को रिजेक्ट कर देगी.
अब रियल्टी शो सब तमाशा और पूर्व नियोजित ही लगते हैं..इन का क्या सच और क्या झूट.

सैयद | Syed 22 जुलाई 2009 को 10:19 pm

.... और कुछ नहीं तो लाइमलाईट में तो आ ही गए सारे दूल्हे...

नौटंकी से सिवा कुछ नहीं है.....

शोभना चौरे 23 जुलाई 2009 को 3:54 pm

bahut shi kaha hai aapne .bajarvad ki atiranjna to hai hi .par aashchry ho rha hai koi bhi dal prbhvit nhi ho rha hai .bharteey snskrti ko shbdo me rachkar sanskrti ko aahat karne ka adhikar kisi ko bhi nhi hai?aur shayd chrcha karkeprasngik to nhi bna rhe ?
khte hai sahity smaj ka drpan hai jab ye kha gya tha tab t.v nhi tha
parntu naoutki hoti thi .par vo bhi seemao ke bheetar .
aaj ham kya dekar jayege ?

Murari Pareek 24 जुलाई 2009 को 12:26 pm

राम पर राखी की कोनसी फिल्म का असर हो गया भई !!

अमिताभ श्रीवास्तव 27 जुलाई 2009 को 5:48 pm

wah ji wah, bahut achhe se sach darshaayaa/
ab ye to dekhne valo ko chahiye ki vo aakhir kyo dekhte he?

raj 29 जुलाई 2009 को 7:52 pm

rakhi comedy show aap bhi dekhte hai....jise sawambhar ka naam diya gya hai......

Pakhi 2 अगस्त 2009 को 2:22 pm

Mujhe to yah sab kahin se pasand nahin aya..main to bas cartoon -channel dekhti hoo.


पाखी के ब्लॉग पर इस बार देखें महाकालेश्वर, उज्जैन में पाखी !!