वेलेंटाइन डे हिंदी में बोले तो प्रेमियों का दिन

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किसी कारण वश यह पोस्ट मै कल १४ फरवरी को प्रसारित नही कर पाया। कारण कि मै उन्ह दिनो बैन्गलोर मै हू। यह पोस्ट आज प्रसारित कर रहा हू। क्ष मा करे।


प्रेम एक ऐसी संपदा है जिसे कोई चुरा नही सकता! कोई छिन नही सकता! जब भय पूरा छुट जाता तब प्रेम का उदय होता है. मगर तुम्हारा प्रेम नही छीना जा सकता. जीवन जीने के लिए तीन शब्दों का मूल मन्त्र है - "लिव-लव-लाफ "
-जियो,प्रेम करो और हंसो. जो व्यक्ति परम का आलिगन कर लेता है, उसके जीवन में हंसी के फुल खिलते है.आओ आज हम सभी जीवन का प्रेम से आलिगन करे.

१४ फरवरी यानी "वेलेंटाइन डे" हिंदी में बोले तो प्रेमियों का दिन.प्रेम सूफियो का मार्ग है.सूफी, परमात्मा को "प्रेयसी" के रूप देखता है.
परमात्मा एक प्रेमिका है. और भक्त उसका प्रेमी है. पुरुष का चित्त ज्ञान के आसपास घूमता है. स्त्री का समग्र भाव प्रेम के आसपास घूमता है. पुरुष अगर प्रेम भी करता है, तो उसका एक अंश ही प्रेमी बन पाता है. स्त्री जब भी प्रेम करती है,तो उसका समग्र ह्रदय प्रेम बन जाता है.

प्रेम हो जाना निःसंदेह एक सुखद अनुभूति है। लेकिन वो सिर्फ दैहिक आकर्षण नहीं बल्कि एक दूसरे के सुख-दुःख का साझा निर्वहन है। प्रेम की परिणिति जब विवाह की वेदी तक जाती है तो दोनों की जिम्मेदारी है इसे सफल बनाना।

बुद्धिमानो को प्रेमी पागल जैसा मालुम पड़ता है.और है भी! प्रेम बुद्धि से नही "ह्रदय" से किया जाता है. और ह्रदय के पास कोई तर्क तो है ही नहीं, सिर्फ भाव है और भाव अंधा है. प्रेम की इन्ही कमियों की वजह से अहंकार पिघलता है. प्रेम की आग में अंहकार पूरी तरह जल कर ख़ाक हो जाता है. प्रेमी अपने आपको मिटाकर दुसरे को बचा लेता है. जिस दिन एक बच जाता है, उसी दिन सत्य उपलब्ध हो जाता है.

कुछ अप्रेमी (पर्दे के बाहर) , "वेलेंटाइन डे" को असभ्यता का घोतक एवं भारतीय संस्कृति के लिए विनाशकारी मानते है. किन्तु में उनके तर्को से सहमत नही हु. मेरा मानना है की प्रेंम दया नही कर सकता. क्रोध भले ही करे. दया तो तभी होती है, जब प्रेम "तिरोहित" हो जाता है. दया तो राख है. जब प्रेम जल चुका होता है, तब राख बचती है. जिसे तुम्ह प्रेम करते हो, उसे कुरूप अवस्था में भी प्रेंम कर पाओगे,तभी जीवन सफल है प्रेम सफल है.

इससे सर्जनात्मक शक्ति दुनिया में कोई नही है.प्रेम अम्रत है. जिसका ह्रदय प्रेम में बचा है,उसे प्रेम देना अच्छा लगता है. हमारे जीवन में यह ख़ुशी और आनंद की घटना जैसा बन जाती है. प्रेम सदा बिना शर्त का होता है. जंहा शर्त है,वहा सोदा है. प्रेम जितना गहरा जाता है, इस जगत में कोई और चीज इतनी गहरी नही जा सकती कोई व्यक्ति आपकी छाती में छुरा भोंके वंह इतना गहरा नही जाएगा जितना उसका प्यार- प्रेम आपके भीतर गहरा जाएगा...

सुश्री प्रेमलता एम्.सेमलानी को जन्म दिन के दिन "हेपी बर्थ डे" आज का दिन (१४ फरवरी) मेरे लिए आप सभी से कुछ ज्यादा ही "प्रेममय" है. आज
"वेलेंटाइन डे" यानी "प्रेम का दिन" और आज ही के दिन मेरी जीवन संगनी,साथी- "प्रेम", का "बर्थ डे" भी है. क्यों भाइयो....बहिनों.... है ना डबल आफर मेरे लिए ? तो आज के दिन इस डबल ख़ुशी के शुभअवसर पर मै मेरी जीवन साथी सुश्री प्रेमलता एम्.सेमलानी को जन्म दिन के दिन "हेपी बर्थ डे" बोलते हुए उन्हें जन्म दिन की मंगल कामानाए प्रेषित कर रहा हु. और "वेलेंटाइन डे के अवसर पर अपने प्रेंम का एक बार फिर से गुलाब के फुल से इजहार करता हु.

आपको याद होगा ... प्रेमलता एम् सेमलानी ने "ताऊ डोट इन" की साप्ताहिक पत्रिका में "नारी-लोक" कोलम के माध्यम से खाना खजाना की बाते लिखा करती थी.
आप सभी को भी "हेपी वेलेंटाइन डे"

6 comments

महेन्द्र मिश्र 15 फ़रवरी 2010 को 7:01 pm

हिंदी में बोले तो प्रेम चतुर्थी.....नाईस

ताऊ रामपुरिया 15 फ़रवरी 2010 को 7:51 pm

सुश्री प्रेमलता एम्.सेमलानी को जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं और आप दोनों को प्रेम चतुर्थी की विषेष शुभकामनाएं.

रामराम.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक 15 फ़रवरी 2010 को 9:19 pm

बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

राज भाटिय़ा 16 फ़रवरी 2010 को 12:20 am

nice nice nice nice

संजय बेंगाणी 16 फ़रवरी 2010 को 11:43 am

भाभीजी को जन्म दिवस की बधाई व शुभकामनाएं.

वन्दना 16 फ़रवरी 2010 को 1:21 pm

are waah isse badhkar aur kya hoga......
prem diwas par
prem ke sath
prem ko
prem ka izhar karna
aur premmay uphar dena

premlata ji ko janamdin ki hardik badhayi aur aapko bhi.........aap dono ka jeevan isi prakar premmay bana rahe.