आओ रंग ले हम तन-मन

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आओ रंग ले हम तन-मन,
रंग-रंगीली होली के संग में.
भूल कर भूत की भूलो को,
मिल ले गले आज सभी संग में..
ऐसा जीवंत कोई पर्व नही,
दुनिया जहांन में.
धन्य मानो अपने जीवन को-
कि तुम पैदा हुए हिन्दुस्थान में ..
भूल भाषा, धर्म, जाती,-
क्षेत्र ओर समाज के सवाल को .
टूटे दिलो को जोड़ लो,
उठा लो अबीर ओर गुलाल को.
आओ चले मिलकर फिर,
उसी पुराने रंग ओर ढंग में.
हम एक थे, हम एक है,
आती है आवाज यही होली में.
प्रस्तुति -: प्रेमलता एम्. सेमलानी

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'अदा' 28 फ़रवरी 2010 को 4:52 am

bahut bahut bahut sundar kavita..aaj isse jtada nahi kah paa rahe hain ham..haan nahi to..!!
Holi ki bahut bahut shubhkaamna..!!

RaniVishal 28 फ़रवरी 2010 को 6:19 am

Bahut sundar rango se saji rangeen rachana...aabhar!
holi ki shubhkaamnaae!!
http://kavyamanjusha.blogspot.com/

Vivek Ranjan Shrivastava 28 फ़रवरी 2010 को 9:49 am

रंगों में सराबोर हुये, इस बार होली में
घर से जो हुये बाहर, इस बार होली में !

जल के राख हो , नफरत की होलिका
आल्हाद का प्रहलाद बचे , इस बार होली में !

हो न फिर फसाद , मजहब के नाम पर
केसर में हरा रंग मिले ,इस बार होली में !

छूटे न कोई अरमान , रंग इस तरह मलो
छेड़ो रगों में फाग , इस बार होली में !

इक रंग में रंगी सेना , अच्छी नहीं लगती
खूनी न हों अंदाज , इस बार होली में !

वन्दना 28 फ़रवरी 2010 को 1:16 pm

BAHUT SUNDAR BHAV.....HAPPY HOLI.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक 28 फ़रवरी 2010 को 5:48 pm

होली की रंगभरी शुभकामनाएँ स्वीकार करें!

Babli 1 मार्च 2010 को 12:21 am

आपको और आपके परिवार को होली पर्व की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें!

ज्योति सिंह 1 मार्च 2010 को 12:33 am

holi ki bahut shubhkaamnaye is sundar vicharo ke saath ,sach hai bharat par garv hai .

दिनेश शर्मा 1 मार्च 2010 को 12:00 pm

रंगोत्सव पर रंगभरी रंगारंग शुभकामनाएं ।

शहरोज़ 1 मार्च 2010 को 2:57 pm

सुन्दर ..मनोहर....

होली की ढेरों ....शुभकामनाएं,,

काजल कुमार Kajal Kumar 1 मार्च 2010 को 3:21 pm

सेमलानी जी को धन्यवाद व सभी को होली की मंगलकामनाएं